अजीब लोग

कुछ बातें अजीब सी होती है
कुछ लोग भी
सोचती हूँ
चुप रहूंगी
नहीं अपनी चोट नहीं दिखाउंगी
नहीं कुछ किसीसे नहीं कहूँगी
पर जब दिल टूट जाएं
आंसू रुखने का नाम न ले
तब क्या कहे
क्या न कहे
कुछ लोगोंकी
फितरत ही अजीब है
आगे दोस्त
पीछे दुश्मन
भाई कह
दिया होता
दिल खोलखे न देती
क्यों दोस्त बनके
दिल दुखाते हो
सीधा सीधा दुश्मनी निभाती
कुछ मज़ा मुझे भी आता
बस इतना कहूँगी
विश्वास अभी भी मज़बूत है
आगे बहुत कुछ करना है
जीना है जी भरके
बस ऐसे हार
हमने कभी नहीं माना है
तो आज क्यों रोयेंगे
बताओ आज कैसे रुखेंगे
जब भी हारते है
और जीना का जी करता है
यूँ समज लो
जीना भी एक तरीके का जीत ही होता है

Live in the moment

a slight stir

a movement nonetheless

an awakening

a new lease of life

of an all powerful feeling

should this be a mirage

a non-starter

a dream

perhaps

perhaps not

yet surely

the energies are moving

the life is rekindling

a hope is glimmering

is that a hand reaching out

is that a voice whispering

is that a bond strengthening

faraway destinations beckon

wait and watch

there is no rush

no push

no reason to complain

leave out the expectations

live in the moment